Ajay Kumar Sharma

Ajay Kumar Sharma



@Ajay_kumar_sharma Have no existence
Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma

@Ajay_kumar_sharma Have no existence

Opined member since August , 2020

common man,

Opinions by Ajay Kumar Sharma | Opined

Opinions
Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 21, 2020

#चाणक्य_नीति
बलवान शत्रु को उसके अनुकूल व्यवहार करके,
दुष्ट शत्रु को जैसा को तैसा व्यवहार करके, और
अपने समान शत्रु को बल या विनय से वश मे करना चाहिये!
#श्लोक
अनुलोमेन बलिनं प्रतिलोमेन दुर्जनम्!
आत्मतुल्यबलं शत्रुं विनयेन बलेन वा!!
#culture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 21, 2020

#मनुस्मृति
जीवो की हिंसा किये बिना मांस प्राप्ति नही हो सकती और जीव हिंसा सुख व स्वर्ग प्राप्ति मे बाधक है!
अत: स्वर्ग व सुख प्राप्तिकेलिये मांस भक्षण छोडदेना चाहिये!
#ध्लोक
नाअ्कृत्वा प्राणिनां हिंसा मांसमुत्प्द्यते क्वचित्!
न च प्राणिवध: स्वर्ग्यस्तरमान्मांसं विवर्जयेत्!!
#vculture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 20, 2020

#चाणक्य_नीति
व्यक्ति मनपसंद भोजन पाकर,
मोर मेघ गर्जना से,
साधुजन लोगो की धन सम्पत्ति बढते देख कर,
और,
#दुष्ट_लोग दूसरॊ को मुसीबत मे देखकर बहुत ही खुश हो जाते है!
#श्लोक
तुष्यंति भोजने विप्रा मयूरा घनगर्जिते!
साधव: परसम्पत्तौ खल: परविपत्तिषु!!
#culture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 20, 2020

#मनुस्मृति
जो व्यक्ति दुसरे प्राणियो को बंधन रखकर, वध करके कलेश नही देते, ऎसे सभी प्राणियो के हित की कामना वाला व्यक्ति #अनन्त_सुख प्राप्त करता है!
#श्लोक
यो बन्धन् वधक्लेशान्प्राणिनां न चिकीर्षति!
स सर्वस्य हितप्रेप्सु: सुखमत्यन्तमश्नुते!!
#culture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 19, 2020

#मनुस्मृति
दूसरो को न सतानेवाले(अहिंसक),गाय,भैंस, बकरी,घोडा जैसे पालतु पशु-प्राणियोको निजि सुखकेलाभ की इच्छासे मारनेवालेको इस जीवनमे तथा परलोकमे कभी सुखनहीमिलेगा! वह जीताहुआभी मतृकसमानहै!

#श्लोक
योअ्हिंसकानि भूतानि हिनस्त्यात्मसुखॆच्छया!
स जीवंश्च मृतश्चैव नक्वचित्सुखमेधते!!

#culture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 18, 2020

#मनुस्मृति
आजिविका के लिये पशुवध करने वाले को उतना पाप नही लगता,
जितना वृथा मे ही मांस खाने से,
इस लोक मे और परलोक मे लगता है!

#श्लोक
न तादृशं भवत्येनो मृगहन्तुर्धनार्थिन: !
यादृशं भवति प्रेत्य वृथा मांसानि खादत:!!

#culture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 18, 2020

#चाणक्य_नीति
कन्या, अग्नि, गुरु, गाय, ब्राह्मण, वृध्द और शिशु को पैर से स्पर्श नही करना चाहिये!

#श्लोक
पादाभ्यां न स्पृशेदग्नि गुरुं ब्राह्मणेव च!
नैव गां न कुमारीं च न वृध्दं न शिशुं तथा!!

#culture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 17, 2020

#संकीर्तन_महिमा
पीडित,
विषादग्रस्त,
शिथिल,
भयभीत,
भयानक रोगो मे पडेहुए ,
मनुष्यभी एकमात्र #नारायण_नाम के संकीर्तन करके सभी दुखों से छूटकर सुखी होजातेहै!

#श्लोक
आर्ता विषण्णा: शिथिलाश्च भीता घोरेषु च व्याधिषु वर्त्तमाना!
संकीर्त्य नारायणशब्दमेकं विमुक्तदुखा: सुखिनो भवन्ति!!
#culture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 17, 2020

#चाणक्य_नीति
दो वार्तारत व्यक्तियो के बीच से,
आग और व्यक्ति के बीच से,
स्वामी और सेवक के बीच से,
हल और बैल कॆ बीच से,
होकर नही गुजरना चाहिये!

#श्लोक
विप्रयोर्विप्रवह्नयोश्च दमपत्यो: स्वामिभृत्ययो:!
अंतरेण न गंतव्यं हलस्य वृषभस्य च!!
#culture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 17, 2020

#मनुस्मृति
चरजीव जैसे गाय,भैसकेलिये अचर जैसे घास फ़ूस,व्याघ्रआदि दांतदाढवालो केलिये बिनादांत दाढवाले जैसे मृगआदि,
हाथवालोको,बिनाहाथवाले जैसे मछलियाँ,तथा शूरॊ के लिये कायरोको भोजनबनायाहै!

#श्लोक
चराणामन्नमचरा दंष्ट्रिणामप्यदष्ट्रिण:!
अहस्ताश्च सह्स्तानां शूराणां च भीरव:!!
#culture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 16, 2020

नियमित #प्राण_प्रतिष्ठित देवालय मे जाकर
दर्शन, आरती, स्तुति, प्रार्थना, पूजा और वंदना
साधना, भजन, यहां तक कि केवल घूमकर आने मात्र से आपकी..
#Immunity
बहुत तेजी से बढ़ जावेगी!
चाहें आप, एक दो महिने प्रयोग करकॆ देखलो?
#culutre

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 16, 2020

#मनुस्मृति
लहसुन,शलजम, प्याज ,कुकुरमुत्ता और गंदगी मे पैदा होने वाले खाद्य पदार्थो का सेवन ,अध्ययन अध्यापन, साधको को नही करना चाहिये!
ये पदार्थ बुद्धिनाशक होने के कारण सेवनीय नही होते है!

#श्लोक
लशुनं गृञ्जनं चैव पलांण्डुं कवकानि च!
अभक्ष्याणि द्विजातिनाममेध्यप्रभवानि च!!
#culutre

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 16, 2020

#चाणक्य_नीति
पत्नी, ब्जोजन और धन,
इन तीन मे जोभी मिला, संतोषकरना चाहिये!
लेकिन
अध्ययन, तप और दान मे कभी भी संतोष नही करना चाहिये!

#श्लोक
संतोषस्त्रिषु कर्त्तव्य: स्वदारे भोजने धने!
त्रिषु चैव न कर्त्तव्योअ्ध्ययने तपदानयो:!!
#cilture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 15, 2020

वेदोकास्वाध्याय न करना,सदाचारको त्यागदेना,आलस्य,समयपर ना जागना,करनेयोग्य कर्म टालतेरहना,दूषित अन्न का सेवनकरना,अभक्ष्य का भक्षकरना, अन्याय से उपार्जितकासेवन करना..
यह अकालमृत्यु समान है!

#श्लोक
अनभ्यासेन वेदानामाचारस्य च वर्जनात् !
आलस्यादन्नदोषाच्च मृत्युर्विप्राञ्जिघांसति!!

#culture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 15, 2020

#चाणक्य_नीति
संतोष रूपी अमृत से तृप्त और शांत चित्त वाले व्यक्तियो को जो शांति प्राप्ति होती है ,वह इधर उधर दौडने, भटकने वाले असंतोषी और अशांत व्यक्ति को वैसे अच्छी शांति नही मिलती है !

#श्लोक
संतोषामृत-तृप्तानां यत्सुखं शांतचेत्साम् !
न च तद् धनलुब्धानामितश्चेतश्च धावताम् !!
#culture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 14, 2020

#चाणक्य_नीति

धन और अन्न के लेनदेन मे,
किसी हुनर को सीखने मे,
खाने पीने मे,
हिसाब किताब मे,
जो व्यक्ति संकोच नही करता,
वह व्यक्ति सदा सुखी रहता है!

#श्लोक

धन-धान्यप्रयॊगेषु विद्यासंग्रहणेषु च!
आहारे व्यवहारे च त्यक्तलज्ज: सुखी भवेत्!!

#culture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 14, 2020

#मनुस्मृति

आत्मा का चिंतन,
निर्जन वन मे एकान्त वास करते हुये ,
एकाकी रहकर ही करना चहिए!
एकाकी भाव से आत्मचिंतन करने वाला मुनुष्य ही परम श्रेय(मोक्ष) का भागी बनता है!

#श्लोक

एकाकी चिन्तयेन्नित्यं विविक्ते हितमात्मनि!
एकाकी चिन्त्यमानो हि परं श्रेयोअ्धिगच्छति!!

#culture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 13, 2020

#मनुस्मृति
मनुष्य को विधिपुर्वक तीनो ----
देव,
ऋषि,और
पितृ ऋणो को चुकाकर,
अपनी संतानो पर कुटुम्ब का भार डाल कर, स्वयं वन मे जाकर समदर्शी (तट्स्थ) भाव से निवास करना चाहिए!

#श्लोक
महर्षिपितृदेवानां गत्वाअ्अ्नृण्यं यथाविधि: !
पुत्रे सर्वं समासज्य वसेन्माध्यस्थ्यमास्थित:!!
#culture

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 13, 2020

#चाण्क्य_नीति
धन का नाश,
मन का संताप, घरकी बुराईयो को,
किसी द्वारा ठगे जाने को, और
किसी द्वारा अपमानित होने को,
समझदार लोग प्रचारित ना करे!

#श्लोक
अर्थनाशं मनस्तापं गृहे दुश्चरितानी च!
वञ्चनं चापमानं च मतिमान्न प्रकाशयेत्!!
#culrure

Ajay Kumar Sharma
Ajay Kumar Sharma Oct 12, 2020

#चाणक्य_नीति
बहुत थकजाने पर भी भार को ढोते जाना,
सर्दी गर्मी की परवाह नही करना,
सदा संतोषपूर्ण जीवन जीना,
ये तीन बाते गधे से सीखनी चाहिए!

#श्लोक
सुश्रान्तोअ्पि वहेद् भारं शीतोष्णं न च पश्यति!
सन्तुष्टश्चरते नित्यं त्रीणी शिक्षॆच्च गर्दभात्!!
#culture